प्रेस विज्ञरित: सामाजिक न्याय की आवाज़ हुर्इ बुलंद
नर्इ दिल्ली 27 नवम्बर देष के मौजूदा ढांचे में परिवत्रन वंचितों को उन के हक दिलाने और सामाजिक न्याय की खातिर पापुलर फ्रंट आफ इणिडया की ओर से आयोतिज दो दिवसीय ''सामाजिक न्याय कान्फ्रेंस का आज यहाँ रामलीला मैदान में भारी जन समूह के बीच समापन हुआ। जिसमें देषभर से करीब दो लाख लोगों ने हिस्सा लिया।
कांफेरेंस के प्रारम्भ में पापुलर फ्रन्ट आफ इणिडया के राश्ट्रीय अध्यक्ष र्इ.एम.अब्दुल रहमान ने कहा कि फिरकापरस्ती भ्रश्टाचार से ज्यादा खतरनाक हैं। देष में बढ़ते भ्रश्टाचार पर अफसोस जताते हुए अन्होंने कहा कि देष में बढ़ती फिरकापरस्ती के कारण देष वसमाज का विकास रूका हुआ है। हमें उस पर अंकुष पाना है, तभी हमारे देष व समाज का त्रीव गति से विकास होगा। उन्होंने देष में बढ़ती साम्प्रदायिक्ता के लिए राश्ट्रीय स्वंय सेवक संघ व उसके दलों को जिम्मेदार ठहराया। राजस्थान के गोपानबढ़ सहित देष भर में हो रही साम्प्रदायिक घटनाओं के लिए उन्हों ने सरकार व प्रषासन को भी जिम्मेदार ठाराया कि उन्होंने समय रहते ऐसी घटनाओं पर और उसके बाद में भी दोषियों के खिलाफ कढ़ी कार्रवार्इ नहीं कर निर्दोश लोगों को उनके खिलाफ फर्जी़ मुकदमें लगाकर जेलों में ठूस दिया जाता है। साथ ही सरासर साम्प्रदायिक ताकतें करकरे जैसे इमानदार आफिसर को भी बर्दाष्त नहीं करती हैं तथा उन्हें हिंसा का षिकार करवा देती हैं।
र्इ.एम.अब्दुर्ररहमान ने कहा कि सरकारों द्वारा आयोग जांच कमेटियों आदि जो किसी भी मामे में इंसाफ के लिए बनार्इ जाती है वे मात्र अपनी रिपोर्ट तक सीमित रहती हैं। सरकार झूटे एलानात करती है। वह अपने द्वारा गठित कमीषन वगैरह की रिपोर्ट पर उमल बिलकुल नहीं करती। उसकी जीती जागती मिसाल जसिटस सच्चर कमेटी रंगनाथ मिश्र कमीषन आदि है। जिन की रिपोर्ट पर सरकारों ने अभी तक अमल नहीं किया है। इसमें केन्द्र व राज्य सरकारें बराबर की दोशी है। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए देष में मुसलमानों द्वारा तहरीकेआजादी को याद करते हुए कहा कि हमें अपने पुरखों द्वारा दी गर्इ कुर्बानियों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए और सरकारों को भी याद रखना चाहिये। साथ ही इस जंग में महिलाओं द्वारा दी गर्इ कुर्बानी और त्याग को भी हमें नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने उपसिथत जनों से देष से भ्रश्टाचार मिटाने और वंचितों को उनके अधिकार एवं सामाजिक न्याय के लिए हमेषा तत्पर रहते हुए संघर्श करते रहने का आहवान किया। पूर्व सांसद एवं आल इणिडया मुसिलम मजलिस-ए-मुषावरत के अध्यक्ष सैयद षहाबुददीन ने कहा कि सरकार व प्रषासन में मुसलमानों की हिस्सेदारी उनकी जनसंख्या के मुताबिक होनी चाहिए। जो नहीं और कहीं-कहीं तो षून्य है। उन्होंने दहषतगर्दी की चर्चा करते हुए कहा कि मुसलमानों को इस देष में आतंकवादी के रूप में पेष किया जा रहा है, जबकि सच्चार्इ यह है कि हिन्दू आतंकवाद आज देष में हावी है और सरकार व प्रषासन असहाय बना हआ है। उन्होंने वर्तमान सरकार को पूंजीपतियों और सामंतवादी सरकार की संज्ञा देते हुए कहा कि मीडिया भी आज इनके हाथों की कटपुतली बना हुआ है। उन्होंने देष में निर्वाचन प्रणाली में परिवर्तन पर बल देते हुए कहा कि सभी सियासी पार्टी समान हैं। वे वोट के बाद दलित, मुसलमान और वंचितों को उनके हकों से भी वंचित कर देती हैं। सत्ता का केन्द्रीकरण कर स्वार्थी सिदी में लग जाती है। उन्हों ने दलित , मुसिलम और वंचितों को अपने ततों का विभाजन नहीं कर अपने वोट की अहमियत समझनी होगी और इस वोट के जरिये अपने उम्मीदवार को विधानसभा व लोकसभा में भेजना होगा, ताकि आपको इस देष में अपना अधिकार और सामाजिक न्याय मिल सके।
फतेहपुरी षाही मसिजद दिल्ली के षाही इमाम डा. मुफती मुहम्मद मुकर्रम अहमद ने पापुलर फ्रन्ट आफ इणिडया द्वारा आयोजित सामाजिक न्याय कांफ्रेन्स के आयोजन पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज के हालात में इसकी आवष्यक्ता है कि वंचितों को उनके हक मिले। सरकार को चाहिये कि वह सच्चर कमेटी व रंगनाथ मिश्र कमीषन की रिपोर्ट को इमान्दारी के साथ लागू करें। इस मुल्क में हमें 64 सालों में दलितों से भी बदतर कर दिया। साथ ही हमें दहषतगर्दी से जोड़कर हमारे हकूक से वंचित कर जुल्मो-ज्यादतियों का षिकार बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि मुसलमान अपने अधिकार समझते हुए जाग जाएं। इस देष का लोक तंत्र भी मुसलमानों का नहीं है। लोकतांत्रिक पार्टियों का ढोंग करने वाली पार्टियां भी मुसलमानों के साथ वही कर रही हैं जो फिरकापरस्त पार्टियां कर रही हैं। हमारे लिये सभी समान हैं। इस लिये अब हमें अपनों के लिये करना है और वोट की ताकत समझकरअपने उम्मीदवार को विधानसभा, संसद और सभी जगह जीताकर भेजना है। किसी भी सेक्यूलर पार्टी यहां तक कि नरेन्द्र मोदी से डरने वाली कांग्रेस पार्टी की भी जरूरत नहीं है, जो सब कुछ जानने के बावजूद उसके खिलाफ कोर्इ कार्रवार्इ नहीं कर पारही है । मुफती मुकर्रम ने पापुलर फ्रन्ट के कार्यों की सराहना करते हुए हर तरह के सहयोग का यकीन दिलाया।
राश्ट्रीय सहारा (उर्दू ) के संपादक अजीज बर्नी पापुलर फ्रन्ट के इस कदम की सराहना करते हुए इस कदम के लिये धन्यवाद दिया। देष में मुसलमानों के हालात और इस कौम की तहजीब छीनने पर अफसोस जताते हुए इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। गुजरात में नरेन्द्र मोदी को दहषतगर्द करार देते हुए इषरत जहां की जान लेने वाले मोदी को सजा की मांग की। मालेगांव सहित देषभर में हुर्इ साम्प्रदायिक और हिंसात्मक घटनाओं के दोशियों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए फिरकापरस्त लोगों पर अंकुष की बात की।
लोकजनषकित पार्टी के सुप्रीमो रामविलास पासवान यहां आना चाहते थे लेकिन अपनी व्सस्तता के कारण नहीं आने पर उनका संदेष पढ़कर सुनाया। लोजपा के राश्ट्रीय महासचिव अब्दुल खालिक़ ने कहा कि हमें अपनी आबादी के मुताबिक हर क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी चाहिये, प्राइवेट सैक्टर में भी हमें रिजर्वेषन चाहिये। रंगनाथ कमीषन की सिफारिषें लागू होनी चाहिये। इसके लिये संसद का घेराव किया जायेगा। अपराधियों और गुनाहगारों को सजा मिलनी चाहिय लेकिन बेगुनाह और मजलूमों के साथ ज्यादती नहीं होनी चाहियए। लेकिन हिन्दुस्तान में मुसलमानों के साथ ये सब कुछ हो रहा है कोर्इ दूसरा करे तो उसे व्यकितगत करार दिया जाता है और कोर्इ मुसिलम करे तो दोशी पूरी कौम को ठहराया जाता है । यह दोहरापन बर्दाष्त नहीं किया जायेगा।
सोषल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इणिडया के राश्ट्रीय अध्यक्ष र्इ. अबूबकर ने कहा कि हमारे लिए बि दिल्ली दूर नहीं है, आज हम दिल्ली में सेंध लगा चुके हैं। हिमालय की पहाड़ी से लेकर, समुद्र , नदी , पहाड़ी आदि मुकामात से आए लम्बा सफर तय करके भारी जन सैलाब का मैं इस्तकबाल करता हूं और यकीन दिलाता हूं कि देष की बागडोर संभालने की कुव्वत हमारे अंदर भी । उन्होंने मौजूदा हालात में इकतदार की हिमायत करते हुए कहा कि हमें इसमें अपनी उपसिथति दर्ज करानी होगी उन्होंने बाबरी मसिजद को उसके वास्तविक स्वरूप् में लाने की बात करते हुए इसमें सहयोग करने का उपसिथत जनों से आहवान किया र्इ अबूबकर ने दलित मुसिलम और वंचितों को एक जुट होकर अपने अधिकारों के लिये संघर्श करने का आहवान किया। अजमेर दर्गाह षरीफ के गददी नषीन सैयद सरवर चिषती ने कहा कि हिन्दूस्तान में हस्लामी आतंकवाद नहीं है बल्के हिन्दू आतंकवाद पनप रहा है उसका जीता जागता उदाहरण नरेन्द्र मोदी है। यदि यहां मुसिलम आतंवाद होता तो नरेन्द्र मोदी जिन्दा नहीं होता उन्होंने मुसलमानों को फिरकों और मसलक में नही बटने के आहवान करते हहुए कामन काज पर एक जुट होने की अपील की अम्बेडकर समाज पार्टी के अध्यक्ष तेजसिंह ने कहा कि इस देष में सामाजिक असामानता और अन्याय का 64 सालों से दलित और मुसलमान षिकार हो रहा है उन्हांने हिन्दूस्तान में आतंवाद की चर्चा करते हुए कहा कि कुरआन को मानने वाले आतंकवादी नहीं हो सकता बल्के वह तो मजलूमों की हिमायत करने वाले होते हैं। आ इणिडया इमाम कोन्सल के अध्यक्ष मौलाना उसमान बेग ने पापूर फ्रन्ट को देष के अवाम की आवााज करार देते हुए कहा कि मुल्क में मुसलमानों के हालात दयनीय होने के जिम्मेदार हमारे सियासी नेता है ।
राम जन्म भूमि मनिदर अयोध्या के मुख्य पुजारी महंत आचार्य सतेन्द्र दास महाराज ने हिन्दू मुसिलम एकता पर बल देते हुए वंचितों को उनके अधिकार नही मिलने पर छीन कर हासिल करने की बात कही उन्होंने देष् में सदभाव और एकता का संदेष फैलाने का लोगों से आहवान किया । जामिया मिल्लया इस्लामिय दिल्ली के प्रोफेसर हसीना हाषिया ने महिलाओं को समान अधिकार की हिमायत करते हुए सभी स्तर पर आजादी की बात कही। आल इणिडया मुसिलम प्रस्नल ला बोर्ड के सचिव मौलाना मुहम्मद वली रहमानी ने कहा कि जुल्म को सहना और जुल्म को सहते रहना बडा गुनाह है उन्होंने बढते भ्रश्टाचार पर चिंता जताते हुए वक्फ के मामले में एक सषक्त कानून बनाने की हिमायत की आ इणिडया मिल्ली कोन्सल के उपाध्यक्ष मौलाना डा. यासीन उसमानी ने पापूलर फ्रन्ट की प्रषंसा करते हुए इनके इकदाम को तसलीम करते हुए कहा कि आज की यह दस्तक हिन्दूस्ता न की डेमोक्रेसी और कामयाबी की जमानत दे रही है । मै मुबारक बाद देता हूं कि पापूलर फ्रन्ट ने इतन बडा केडर खड़ा कर के दिल्ली के रामलीला मैदान में झण्डा गाड दिया है अब कामयाबी आपके कदम चूमेगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पापूलर फ्रन्ट के इस कार्यक्रम मे आने पर खुषी का इजहार करते हुए हर स्तर पर अपना सहयोग देने का विष्वास दिलाया उन्होंने सच्चर कमेटी और रगनाथ मिश्र की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए मुसलमानों को आरक्षण दिये जाने की आव्षयक्ता जतार्इ । उन्होने कहा कि नीति अच्छी नही है और सरकार की नियत अच्छी है तो मुसलमानों का इस देष में भला हो सकता है मुसलमानों को आरक्ष्ण के बिना उनका विकास संभव नहीं इसलिये जरूरी है कि मुसलमानों को हर क्षेत्र में आरक्षण दिया जाये बिना संघर्श के कोर्इ कामयाबी नहीं मिलती इसलिये हमें अपने अधिकारों के लिये आरक्षण करना होगा । मैं आपकी इस मुहिम मे बराबर का षरीक रहूंगा। समाजवादी यूथ विंग के आषू मलिक ने भी पापूलर फ्रन्ट का हर संभव सहयोग का आष्वासन दिया। नैषनल वूमन्स फ्रन्ट की राश्ट्रीय उपाध्यक्ष ए.एस. जैनबा और कैम्पस फ्रन्ट आफ इणिडया के अध्यक्ष अनीसुजमाँ ने भी दलित मुसिलम , षोशित और वंचितों को उनके अधिकार दिये जाने पर बल दिया पापूलर फन्ट आफ इणिडया के उपाध्यक्ष मौ. अली जिनाह ने दिल्ली डिक्लरेषन पढा, जिस पर उपसिथत जनसैलाब ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दी। अंत में पापूलर फ्रन् ट राजस्थान प्रदेष के अध्यक्ष मोहम्मद षफी ने कान्फेंस में उपसिथत जन सैलाब , अतिथि गण मीडिया और पुलिस प्रषासन का धन्यवाद ज्ञापित किया
A neo social movement for a new India of equal rights to all Indians


















































